सैनिकों को भरमूर बंदूकें मिली और उसके कारण हर सिपाही के हिस्से में जो कत्ल हुआ, उसका समाचार सुनते ही सैकड़ों गांवों ने अपनी सीमा में फिरंगी को घुसने न देने का संकल्प लिया। परंतु इन गांवों या दिल्ली में इतने बवंडर के चलते हुए भी एक भी अंगे्रज महिला के शील पर किसी ने आक्रमण नहीं किया था। यह बात अब अंगे्रजों द्वारा की गई जांच-पड़ताल में ही सिद्ध हुई है। दिल्ली में कत्ल हो जाने के बाद उस अवसर के प्रत्यक्ष
सैनिकों को भरमूर बंदूकें मिली और उसके कारण हर सिपाही के हिस्से में जो कत्ल हुआ, उसका समाचार सुनते ही सैकड़ों गांवों ने अपनी सीमा में फिरंगी को घुसने न देने का संकल्प लिया। परंतु इन गांवों या दिल्ली में इतने बवंडर के चलते हुए भी एक भी अंगे्रज महिला के शील पर किसी ने आक्रमण नहीं किया था। यह बात अब अंगे्रजों द्वारा की गई जांच-पड़ताल में ही सिद्ध हुई है। दिल्ली में कत्ल हो जाने के बाद उस अवसर के प्रत्यक्ष