1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

ओर से आए निमंत्रण को धिक्कार दिया; निमंत्रण देने आए सवारों को मार डाला;स्वयं के खजाने से अंगे्रजों पर धन की सतत वर्षा की। जिस प्रदेश से अंगे्रजी सेना जानेवाली थी उस प्रदेश को सैन्य संरक्षण दिया; अंगे्रजों के साथ निशान को संभालने घर-द्वार छोड़कर दौड़ने आए तब इन सिख रियासतों ने-इन गुरू गोविन्द सिंह के चेलों ने-अत्यधिक क्रूरता से उनका वध किया, यंत्रणा दी।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 118

पटियाला, नाभा


512 of 2102

ओर से आए निमंत्रण को धिक्कार दिया; निमंत्रण देने आए सवारों को मार डाला;स्वयं के खजाने से अंगे्रजों पर धन की सतत वर्षा की। जिस प्रदेश से अंगे्रजी सेना जानेवाली थी उस प्रदेश को सैन्य संरक्षण दिया; अंगे्रजों के साथ निशान को संभालने घर-द्वार छोड़कर दौड़ने आए तब इन सिख रियासतों ने-इन गुरू गोविन्द सिंह के चेलों ने-अत्यधिक क्रूरता से उनका वध किया, यंत्रणा दी।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 118

पटियाला, नाभा


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