अंबाला से दिल्ली की ओर आते समय हजारों गांवों में से जिन-जिनपर हाथ डाला जा सका, उन सारे भारतीय आदमियों को एक साथ पकड़ा जाता और तुरंत आधे घंटे में उनका कोर्ट मार्शल कर पंक्ति में खड़ा कर, सबको फांसी का दंड देकर, तरह-तरह की यंत्रनाएं देकर मार डाला जाता। मेरठ में नेटिवों ने भी अंगे्रजों को मार डाला
1857 का स्वातंत्र्य समर - 119
था। परंतु वह जंगलीपन से अर्थात् एक आघात से मारा गया था। परंतु अंग्रजों
अंबाला से दिल्ली की ओर आते समय हजारों गांवों में से जिन-जिनपर हाथ डाला जा सका, उन सारे भारतीय आदमियों को एक साथ पकड़ा जाता और तुरंत आधे घंटे में उनका कोर्ट मार्शल कर पंक्ति में खड़ा कर, सबको फांसी का दंड देकर, तरह-तरह की यंत्रनाएं देकर मार डाला जाता। मेरठ में नेटिवों ने भी अंगे्रजों को मार डाला
1857 का स्वातंत्र्य समर - 119
था। परंतु वह जंगलीपन से अर्थात् एक आघात से मारा गया था। परंतु अंग्रजों