ने उस त्रुटि को सुधारकर बहुत अच्छा किया। वे कोर्ट मार्शल के आगे केवल दृष्टिपात होते ही फांसी का दंड दिए गए सैकड़ोे लोगों को, उनके फांसी के खंभे खड़े करते हुए ही पैशाचिक यंत्रनाएं देने लगते, उनके सिर के बाल तड़ातड़ तोड़ते, उनके शरीर में बैनेट के सिरे से आर-पार छेद किए जाते और तत्पश्चात् इन सारी यंत्रणाओं और प्रत्यक्ष मृत्यु को भी जिसके उन गरीब, निर्दाेष और निरपराध हिंदू लोगों के मुंह में, उनके फांसी पर चढ़ने सिपाही उन गरीब,
ने उस त्रुटि को सुधारकर बहुत अच्छा किया। वे कोर्ट मार्शल के आगे केवल दृष्टिपात होते ही फांसी का दंड दिए गए सैकड़ोे लोगों को, उनके फांसी के खंभे खड़े करते हुए ही पैशाचिक यंत्रनाएं देने लगते, उनके सिर के बाल तड़ातड़ तोड़ते, उनके शरीर में बैनेट के सिरे से आर-पार छेद किए जाते और तत्पश्चात् इन सारी यंत्रणाओं और प्रत्यक्ष मृत्यु को भी जिसके उन गरीब, निर्दाेष और निरपराध हिंदू लोगों के मुंह में, उनके फांसी पर चढ़ने सिपाही उन गरीब,