1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

किया था। उस न्यायसन की कार्यवाही इतने ध्यान से चलती कि वहां के न्यायधीश बीच में ही सो जाते और दंड देने का समय आने पर उन्हें हिलाकर जगाए जाने पर जितने कैदी सामने दिखते उतनों की ओर एक गंभीर नज़र डालकर वह कहते, ‘‘चढ़ाओ इन्हें फांसी पर!’’ नीदरलैंड के इतिहास में अंकित इस ‘यमासन’ को अंगे्रजों ने सुधरकर विकसित किया था, इसमें कोई शंका नहीं, क्योंकि इनके न्यायधीश कभी भी सोते नहीं थे। इतना ही नहीं, कोर्ट मार्शल


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किया था। उस न्यायसन की कार्यवाही इतने ध्यान से चलती कि वहां के न्यायधीश बीच में ही सो जाते और दंड देने का समय आने पर उन्हें हिलाकर जगाए जाने पर जितने कैदी सामने दिखते उतनों की ओर एक गंभीर नज़र डालकर वह कहते, ‘‘चढ़ाओ इन्हें फांसी पर!’’ नीदरलैंड के इतिहास में अंकित इस ‘यमासन’ को अंगे्रजों ने सुधरकर विकसित किया था, इसमें कोई शंका नहीं, क्योंकि इनके न्यायधीश कभी भी सोते नहीं थे। इतना ही नहीं, कोर्ट मार्शल


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