निर्दोष और निरपराध हिंदू लोगों के मुंह में, उनके फांसी पर चढ़ने को तैयार होने पर भी, जबरन गाय का कच्चा मांस कुचल-कुचलकर भरते।
वह कोर्ट मार्शल क्या झमेला था, यह जंगली पाठक वर्ग को बताना रह ही गया। गांवों के निरपराध लोगों को सैकड़ों की संख्या में पकड़कर उनका ‘न्याय’ किया जाता। यह न्याय की घुट्टी यूरोपियन राष्ट्र पहले से ही पिए होते हैं। नीदरलैंड की राज्य क्रांति में अल्वा ने भी ऐसा ही एक न्यायसन स्थापित
निर्दोष और निरपराध हिंदू लोगों के मुंह में, उनके फांसी पर चढ़ने को तैयार होने पर भी, जबरन गाय का कच्चा मांस कुचल-कुचलकर भरते।
वह कोर्ट मार्शल क्या झमेला था, यह जंगली पाठक वर्ग को बताना रह ही गया। गांवों के निरपराध लोगों को सैकड़ों की संख्या में पकड़कर उनका ‘न्याय’ किया जाता। यह न्याय की घुट्टी यूरोपियन राष्ट्र पहले से ही पिए होते हैं। नीदरलैंड की राज्य क्रांति में अल्वा ने भी ऐसा ही एक न्यायसन स्थापित