1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

पास पहुंचने के पहले मेरठ में शेष बची गोरी सेना से मिलने का अवसर देख रहा था। मेरठ में अंगे्रजों की बड़ी सेना थी, यह पहले कहा जा चुका है। वह सेना अंबाला से निकली सेना से


1857 का स्वातंत्र्य समर - 120

मिलने नीचे उतर रही थी। परंतु इन सेनाओं के मिलने के पहले ही उनसे दो-दो हाथ करने क्रांतिकारी दिल्ली से आगे आए हुए थे। हिंडन नदी के किनारे दोनों 30 मई को मिले। क्रांतिकारियों का दायां बाजू तोपों से सुरक्षित


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पास पहुंचने के पहले मेरठ में शेष बची गोरी सेना से मिलने का अवसर देख रहा था। मेरठ में अंगे्रजों की बड़ी सेना थी, यह पहले कहा जा चुका है। वह सेना अंबाला से निकली सेना से


1857 का स्वातंत्र्य समर - 120

मिलने नीचे उतर रही थी। परंतु इन सेनाओं के मिलने के पहले ही उनसे दो-दो हाथ करने क्रांतिकारी दिल्ली से आगे आए हुए थे। हिंडन नदी के किनारे दोनों 30 मई को मिले। क्रांतिकारियों का दायां बाजू तोपों से सुरक्षित


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