उसे उन्होंने प्रथम विश्वयुद्व के समय भारतीय सेनाओं में विद्रोह का मंत्र फूंका। ‘कोमागाटामारू’ नामक जहाज से क्रांतिकारियों के जत्थे शस्त्रास्त्रों के साथ भारत की ओर रवाना हुए। हांगकांग, सिंगापुर और बर्मा में स्थित ब्रिटिश सेनाओं में बगावत हुई। यह सब सावरकर द्वारा रचित ‘1857 का भारतीय स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक का ही चमत्कार था।
इसके बाद इस गं्रथ का एक संस्करण भारत में भगत सिंह के क्रांतिकारी दल ने प्रकाशित
उसे उन्होंने प्रथम विश्वयुद्व के समय भारतीय सेनाओं में विद्रोह का मंत्र फूंका। ‘कोमागाटामारू’ नामक जहाज से क्रांतिकारियों के जत्थे शस्त्रास्त्रों के साथ भारत की ओर रवाना हुए। हांगकांग, सिंगापुर और बर्मा में स्थित ब्रिटिश सेनाओं में बगावत हुई। यह सब सावरकर द्वारा रचित ‘1857 का भारतीय स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक का ही चमत्कार था।
इसके बाद इस गं्रथ का एक संस्करण भारत में भगत सिंह के क्रांतिकारी दल ने प्रकाशित