किया। सन् 1912 में शहीद भगत सिंह द्वारा इस पुस्तक के प्रकाशन की कहानी उनके एक अनन्य सहयोगी एवं प्रसिद्व समाजवादी नेता राजाराम शास्त्री के शब्दों में ही कहना ठीक रहेगा। ‘अमर शहीदों के संस्मरण’ नामक अपनी रचना में राजाराम शास्त्री लिखते हैं
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‘‘वीर सावरकर द्वार लिखित’ 1857 का स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक ने भगत सिंह को बहुत अधिक प्रभावित किया था। यह पुस्तक भारत सरकार द्वारा जब्त कर ली गई थी। मैंने इस
किया। सन् 1912 में शहीद भगत सिंह द्वारा इस पुस्तक के प्रकाशन की कहानी उनके एक अनन्य सहयोगी एवं प्रसिद्व समाजवादी नेता राजाराम शास्त्री के शब्दों में ही कहना ठीक रहेगा। ‘अमर शहीदों के संस्मरण’ नामक अपनी रचना में राजाराम शास्त्री लिखते हैं
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‘‘वीर सावरकर द्वार लिखित’ 1857 का स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक ने भगत सिंह को बहुत अधिक प्रभावित किया था। यह पुस्तक भारत सरकार द्वारा जब्त कर ली गई थी। मैंने इस