1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

है कि उस दिन की लड़ाई में सीमूर की गुरखा पलटन ने बड़ा पराक्रम दिखाया, इसलिए अंग्रेजी इतिहासकार उन्हें बहुत शाबासी देते हैं। स्वदेश स्वतंत्रता के गले पर छुरी चलाने सदा-सर्वदा के लिए शापित शूरता दिखाने के कारण उन गुरखों के नाम सदा-सर्वदा के लिए शापित हुए हैं, इसमें तिल भर भी शंका नहीं।

इन देशद्रोही गुरखों की सहायता से अंगे्रजों ने बुंदेल का सराय की लड़ाई जीती अवश्य, परंतु इस जय ने उनके मनोराज्य को धूल


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है कि उस दिन की लड़ाई में सीमूर की गुरखा पलटन ने बड़ा पराक्रम दिखाया, इसलिए अंग्रेजी इतिहासकार उन्हें बहुत शाबासी देते हैं। स्वदेश स्वतंत्रता के गले पर छुरी चलाने सदा-सर्वदा के लिए शापित शूरता दिखाने के कारण उन गुरखों के नाम सदा-सर्वदा के लिए शापित हुए हैं, इसमें तिल भर भी शंका नहीं।

इन देशद्रोही गुरखों की सहायता से अंगे्रजों ने बुंदेल का सराय की लड़ाई जीती अवश्य, परंतु इस जय ने उनके मनोराज्य को धूल


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