1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

से हमला किया। इस तरह अपनों और परायों द्वारा अनाथ हुई वह सेना दिन भर लड़ी गई लड़ाई का कुछ भी श्रेय न मिलने पर तितर-बितर होकर दिल्ली में घुसने लगी। वैसे ही धकियाते जाने का आदेश दिय और वह अंगे्रजी सेना उस दिन शाम तक दिल्ली की दीवारों से आ भिड़ी। उस दिन की लड़ाई में क्रांतिकारियों का शहर-बाहर का सारा कब्जा नष्ट हो गया और अंग्रेजों को दिल्ली पर मोरचा लगाने के लिए अति उŸाम स्थान मिल गये। यहां यह कहना आवश्यक


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से हमला किया। इस तरह अपनों और परायों द्वारा अनाथ हुई वह सेना दिन भर लड़ी गई लड़ाई का कुछ भी श्रेय न मिलने पर तितर-बितर होकर दिल्ली में घुसने लगी। वैसे ही धकियाते जाने का आदेश दिय और वह अंगे्रजी सेना उस दिन शाम तक दिल्ली की दीवारों से आ भिड़ी। उस दिन की लड़ाई में क्रांतिकारियों का शहर-बाहर का सारा कब्जा नष्ट हो गया और अंग्रेजों को दिल्ली पर मोरचा लगाने के लिए अति उŸाम स्थान मिल गये। यहां यह कहना आवश्यक


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