1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

को हथियार नीचे रखने के आदेश दिए गए। गुस्से से गुर्राए पर प्रदीप्त तोपखाने के कारण हताश उन हजारों नेटिव सिपाहियों ने अपने-अपने हथियार नीचे डाले और एक अक्षर भी बोले बिना अपनी-अपनी लाइनों की ओर लौट गए।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 125

अति शूर और जिसके पराक्रम से ही अफगानिस्तान में अंगे्रजों के प्राण बचे थे, उसी पंजाबी सेना को मयां मीर में निःशस्त्र करने की इस विधि-प्रक्रिया में ही वहां की सेना की एक


550 of 2102

को हथियार नीचे रखने के आदेश दिए गए। गुस्से से गुर्राए पर प्रदीप्त तोपखाने के कारण हताश उन हजारों नेटिव सिपाहियों ने अपने-अपने हथियार नीचे डाले और एक अक्षर भी बोले बिना अपनी-अपनी लाइनों की ओर लौट गए।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 125

अति शूर और जिसके पराक्रम से ही अफगानिस्तान में अंगे्रजों के प्राण बचे थे, उसी पंजाबी सेना को मयां मीर में निःशस्त्र करने की इस विधि-प्रक्रिया में ही वहां की सेना की एक


550 of 2102