जर्मनी का गृहयुद्ध-उनमें उनके विभिन्न प्रांतों और विविध जातियों की कड़ी शत्रुता और प्रतिशोध लेने के लिए एक-दूसरे पर किए गए अत्याचार-आदि की ओर देखें तो ऐसा लगता है जैसे हिंदुस्थान का यह गृहयुद्ध कुछ भी नहीं था। परंतु उपर्युक्त देशों को गृह कलह की भयानक आग में तथा
1857 का स्वातंत्र्य समर - 127
गुलामीगिरी की अत्यंत तीव्र उष्णता में पिघलना पड़ा, इसीलिए आज उनका एक संगठित सुंदर और सबल व्यक्तित्व बना है,
जर्मनी का गृहयुद्ध-उनमें उनके विभिन्न प्रांतों और विविध जातियों की कड़ी शत्रुता और प्रतिशोध लेने के लिए एक-दूसरे पर किए गए अत्याचार-आदि की ओर देखें तो ऐसा लगता है जैसे हिंदुस्थान का यह गृहयुद्ध कुछ भी नहीं था। परंतु उपर्युक्त देशों को गृह कलह की भयानक आग में तथा
1857 का स्वातंत्र्य समर - 127
गुलामीगिरी की अत्यंत तीव्र उष्णता में पिघलना पड़ा, इसीलिए आज उनका एक संगठित सुंदर और सबल व्यक्तित्व बना है,