1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

यह पक्का जानने के लिए 13 मई को एक परेड की गई। सिपाहियों ने परेड पर अपना व्यवहार इतना शांत रखा कि उस समय उनके हृदय में भड़क रही क्रोधाग्नि की एक चिंगारी भी बाहर नहीं आई। अतः उनको निःशस्त्र करने के बाद जल्दी ही ज्ञात हुआ कि वे जिस पर्वत पर शांति से सो रहे थे उसमें कितने विस्फोटक पदार्थ भरे पड़े हैं। लाहौर और अमृतसर के किसी यद्यपि अंगे्रजों ने सुरक्षित कर लिये, तब भी फिरोजपुर में रखा गोला-बारूद का भंडार


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यह पक्का जानने के लिए 13 मई को एक परेड की गई। सिपाहियों ने परेड पर अपना व्यवहार इतना शांत रखा कि उस समय उनके हृदय में भड़क रही क्रोधाग्नि की एक चिंगारी भी बाहर नहीं आई। अतः उनको निःशस्त्र करने के बाद जल्दी ही ज्ञात हुआ कि वे जिस पर्वत पर शांति से सो रहे थे उसमें कितने विस्फोटक पदार्थ भरे पड़े हैं। लाहौर और अमृतसर के किसी यद्यपि अंगे्रजों ने सुरक्षित कर लिये, तब भी फिरोजपुर में रखा गोला-बारूद का भंडार


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