परंतु किस लेन-देन के लिए वह फिरोजपुर का बाजार से चले तो उन्हें दुकानदारों और दूसरे लोगों ने स्वराज्य की हवा बेचना प्रारंभ किया, जिससे बाजार से निकलते-निकलते सिपाहियों के मन की चंचलता नष्ट हो गई; दृढ़ निष्चय हो गया और ‘हर-हर महादेव’ की घोषणा हो गई। सिपाहियों के आक्रमण से गोला-बारूद का भंडार बचाना कठिन लगते ही उसे उड़ा देने के सिवाए अंगे्रजों का अन्य उपाय ही न रहा। बारूद का भंडार उड़ा देखकर स्वराज्य का
परंतु किस लेन-देन के लिए वह फिरोजपुर का बाजार से चले तो उन्हें दुकानदारों और दूसरे लोगों ने स्वराज्य की हवा बेचना प्रारंभ किया, जिससे बाजार से निकलते-निकलते सिपाहियों के मन की चंचलता नष्ट हो गई; दृढ़ निष्चय हो गया और ‘हर-हर महादेव’ की घोषणा हो गई। सिपाहियों के आक्रमण से गोला-बारूद का भंडार बचाना कठिन लगते ही उसे उड़ा देने के सिवाए अंगे्रजों का अन्य उपाय ही न रहा। बारूद का भंडार उड़ा देखकर स्वराज्य का