निशान जिस दिल्ली की प्राचीर पर स्वदेश वीरों को बुला रहा था उस प्राचीर की ओर सिपाही दौड़ चले। इसी समय फिरोजपुर शहर भी विद्रोही हो गया और यूरोपियन लोगों के बंगले, तंबू, भोजनालय, प्रोस्टेंट चर्च कैथोलिक चर्च जलाते, गिराते, लूटते, नष्ट करते लोग यूरोपियन कहां हैं, इसकी पूछताछ करते यहां-वहां घूमने लगे। परंतु मेरठ के तार से चेते हुए यूरोपियन कहां हैं, इसकी पूछताछ करते यहां-वहां घूमने लगे। परंतु मेरठ के तार से चेते हुए यूरोपियन कहां हैं,
निशान जिस दिल्ली की प्राचीर पर स्वदेश वीरों को बुला रहा था उस प्राचीर की ओर सिपाही दौड़ चले। इसी समय फिरोजपुर शहर भी विद्रोही हो गया और यूरोपियन लोगों के बंगले, तंबू, भोजनालय, प्रोस्टेंट चर्च कैथोलिक चर्च जलाते, गिराते, लूटते, नष्ट करते लोग यूरोपियन कहां हैं, इसकी पूछताछ करते यहां-वहां घूमने लगे। परंतु मेरठ के तार से चेते हुए यूरोपियन कहां हैं, इसकी पूछताछ करते यहां-वहां घूमने लगे। परंतु मेरठ के तार से चेते हुए यूरोपियन कहां हैं,