करना होगा। यदि लखनऊ के इस प्रश्न का उस राजनितिपटु अमीर ने अस्पष्ट उŸार दिया-’’जो होगा, देख लेंगे।’’ परंतु काबुल के अमीर से अंगे्रजों का हाल ही में समझौता हो जाने के कारण उन्हें अमीर से अधिक पेशावर के नजदीक की स्वतंत्र मुसलमान जमातों से अधिक डर था और मुसलमानी जमातों में कोई अंगे्रजों से मिल न जाए, यह उपदेश करते सैकड़ों मुल्ला यात्रा पर निकले थे। पेशावर में इस समय जो अंगे्रज अधिकारी थे वे सारे ही साहसी,
करना होगा। यदि लखनऊ के इस प्रश्न का उस राजनितिपटु अमीर ने अस्पष्ट उŸार दिया-’’जो होगा, देख लेंगे।’’ परंतु काबुल के अमीर से अंगे्रजों का हाल ही में समझौता हो जाने के कारण उन्हें अमीर से अधिक पेशावर के नजदीक की स्वतंत्र मुसलमान जमातों से अधिक डर था और मुसलमानी जमातों में कोई अंगे्रजों से मिल न जाए, यह उपदेश करते सैकड़ों मुल्ला यात्रा पर निकले थे। पेशावर में इस समय जो अंगे्रज अधिकारी थे वे सारे ही साहसी,