सेनापति विलियम के सीने में एक सिपाही की सनसनाती हुई गोली आ धंसी और वह
1857 का स्वातंत्र्य समर - 135
मरणासन्न हो गिर पड़ा। तभी उस भयंकर रणभूम में आधी रात का अंधियारा दूर करने और स्वतंत्रता-भक्तों के संतप्त सिरों पर शीतल चंद्रिका की वर्षा करने हेतु रजनीनाथ का आकाश में उदय हो गया था। इस चंद्र प्रकाश से क्रांतिकारियों को अंगे्रजों की सारी व्यूह रचना समझ में आ गई और वे अपना स्थान छोड़कर अंगे्रजों पूरी
सेनापति विलियम के सीने में एक सिपाही की सनसनाती हुई गोली आ धंसी और वह
1857 का स्वातंत्र्य समर - 135
मरणासन्न हो गिर पड़ा। तभी उस भयंकर रणभूम में आधी रात का अंधियारा दूर करने और स्वतंत्रता-भक्तों के संतप्त सिरों पर शीतल चंद्रिका की वर्षा करने हेतु रजनीनाथ का आकाश में उदय हो गया था। इस चंद्र प्रकाश से क्रांतिकारियों को अंगे्रजों की सारी व्यूह रचना समझ में आ गई और वे अपना स्थान छोड़कर अंगे्रजों पूरी