1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

शक्ति से टूट पडे़। इस अद्भूत आक्रमण के सामने अंगे्रजी सेना, सिख और अन्य राजनिष्ठ अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए।

अपनी इस आधी रात की विजय और जल्दी ही उदित उषःकाल की सुंदर प्रभा से और अधिक खिली वीरश्री से वे सारे क्रांतिकारी सैनिक दूसरे दिन दोपहर के लगभग लुधियाना शहर में घुसने लगे। लुधियाना में एक मौलवी अंगे्रजों की गुलामी से मुक्त होकर स्वराज्य-संस्थापना करने के लिए लगातार उपदेश करता घूमता रहता था। उस


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शक्ति से टूट पडे़। इस अद्भूत आक्रमण के सामने अंगे्रजी सेना, सिख और अन्य राजनिष्ठ अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए।

अपनी इस आधी रात की विजय और जल्दी ही उदित उषःकाल की सुंदर प्रभा से और अधिक खिली वीरश्री से वे सारे क्रांतिकारी सैनिक दूसरे दिन दोपहर के लगभग लुधियाना शहर में घुसने लगे। लुधियाना में एक मौलवी अंगे्रजों की गुलामी से मुक्त होकर स्वराज्य-संस्थापना करने के लिए लगातार उपदेश करता घूमता रहता था। उस


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