की नेटिव रेजिमेंटों को या तो निःशस्त्र करना या असमय और अपरिपक्व अवस्था में विद्रोह करने को बाध्य करके उनका सहज नाश करना बहुता ही सुलभ हो गया। राज्य क्रांति के पक्ष से सिख रियासतदार और अन्य सिख लोग मिलकर अपने से ही मिल रहे हैं, यह देखकर ही वे सरहद से सतलज तक पंजाब में जितने भी हिंदुस्थानी थे उन्हें वहां से भगाकर पंजाब में विद्रोह का बीज समाप्त कर सके। इस समय लश्कर में ही नहीं अपितु गावों और शहरों में
की नेटिव रेजिमेंटों को या तो निःशस्त्र करना या असमय और अपरिपक्व अवस्था में विद्रोह करने को बाध्य करके उनका सहज नाश करना बहुता ही सुलभ हो गया। राज्य क्रांति के पक्ष से सिख रियासतदार और अन्य सिख लोग मिलकर अपने से ही मिल रहे हैं, यह देखकर ही वे सरहद से सतलज तक पंजाब में जितने भी हिंदुस्थानी थे उन्हें वहां से भगाकर पंजाब में विद्रोह का बीज समाप्त कर सके। इस समय लश्कर में ही नहीं अपितु गावों और शहरों में