इसका अंतिम निर्णय अब दिल्ली की प्राचीर पर ही होगा-ऐसी गर्जना करते हुए वे दिल्ली की ओर दिन-दहाड़े गाते-बजाते जा रहे थे, फिर भी उनका पीछा करने की किसी में हिम्मत नहीं थी।
मेरठ के विद्रोह के कोई तीन हफ्ते बाद तक क्रांतिकारियों को जो शांति बनाए
1857 का स्वातंत्र्य समर - 136
रखना अनिवार्य हो गया था, उस शांति का लाभ अंग्रेजों ने पंजाब में पूरी तरह उठाया। पंजाब में यूरोपियन सेना अधिक होने के कारण वहां
इसका अंतिम निर्णय अब दिल्ली की प्राचीर पर ही होगा-ऐसी गर्जना करते हुए वे दिल्ली की ओर दिन-दहाड़े गाते-बजाते जा रहे थे, फिर भी उनका पीछा करने की किसी में हिम्मत नहीं थी।
मेरठ के विद्रोह के कोई तीन हफ्ते बाद तक क्रांतिकारियों को जो शांति बनाए
1857 का स्वातंत्र्य समर - 136
रखना अनिवार्य हो गया था, उस शांति का लाभ अंग्रेजों ने पंजाब में पूरी तरह उठाया। पंजाब में यूरोपियन सेना अधिक होने के कारण वहां