लोकमत का झुकाव दिल्ली की ओर होते हुए भी वह दिल्ली का लाभ नहीं ले सका, इसका कारण यह था कि दिल्ली में विद्रोह हो जाने के बाद तीन सप्ताह तक क्रांति की लहर का ठहरी रहना अपरिहार्य हो गया था। यही विद्रोह यदि पहले से निश्चित संकेतों के अनुसार एक सप्ताह में होता तो अंगे्रज कहीं भी हलचल नहीं कर सकते थे। पंजाब में अकेली एक-एक और अनाथ सेनाएं निःशस्त्र नहीं की जा सकती थीं। क्रांति की लहर निरंतर उबलने से सिखों
लोकमत का झुकाव दिल्ली की ओर होते हुए भी वह दिल्ली का लाभ नहीं ले सका, इसका कारण यह था कि दिल्ली में विद्रोह हो जाने के बाद तीन सप्ताह तक क्रांति की लहर का ठहरी रहना अपरिहार्य हो गया था। यही विद्रोह यदि पहले से निश्चित संकेतों के अनुसार एक सप्ताह में होता तो अंगे्रज कहीं भी हलचल नहीं कर सकते थे। पंजाब में अकेली एक-एक और अनाथ सेनाएं निःशस्त्र नहीं की जा सकती थीं। क्रांति की लहर निरंतर उबलने से सिखों