राजपूताना और सिंध प्रांत में विद्रोह से सहानुभूति रखनेवाले कोई हैं या नहीं, इसकी बारीकी से जांच कर उनको पंजाब की भांति ही समय रहते पूरी तरह नष्ट कर डालने के प्रयास आरंभ हो गए थे। और इस अग्रिम सूचना के लिए ईश्वर का आभार मानते हुए अब विद्रोह की ज्वालाएं स्थान-स्थान पर समाप्त कर दी गई हैं, यह विश्वास भी उन्हें होने लगा। इन तीन हफ्तों में अंगे्रजों की कार्यवाहियों के चलते क्रांति पक्ष की ओर से इक्का-दुक्का
राजपूताना और सिंध प्रांत में विद्रोह से सहानुभूति रखनेवाले कोई हैं या नहीं, इसकी बारीकी से जांच कर उनको पंजाब की भांति ही समय रहते पूरी तरह नष्ट कर डालने के प्रयास आरंभ हो गए थे। और इस अग्रिम सूचना के लिए ईश्वर का आभार मानते हुए अब विद्रोह की ज्वालाएं स्थान-स्थान पर समाप्त कर दी गई हैं, यह विश्वास भी उन्हें होने लगा। इन तीन हफ्तों में अंगे्रजों की कार्यवाहियों के चलते क्रांति पक्ष की ओर से इक्का-दुक्का