की खबर शाहजहांपुर 14 मई को पहुंची। परंतु अंगे्रज अधिकारियों को पता चल जाए, ऐसा एक भी खुला कृत्य न होने से 31 मई का दिन भी अन्य दिनों की तरह बड़ी शांति, संतोष और उल्लास में उदय हुआ। वह रविवार का दिन था। सारे अंगे्रज चर्च में भी गए। उनकी प्रार्थना अभी आधी ही थी कि चर्च की ओर सिपाही तीव्रता से दौड़ते हुए आने लगे। उस चर्च का चॅप्लेन बाहर आया तो उसका हाथ सिपाहियों ने उड़ा दिया और विद्रोह की शुरूआत हो गई। शहर
की खबर शाहजहांपुर 14 मई को पहुंची। परंतु अंगे्रज अधिकारियों को पता चल जाए, ऐसा एक भी खुला कृत्य न होने से 31 मई का दिन भी अन्य दिनों की तरह बड़ी शांति, संतोष और उल्लास में उदय हुआ। वह रविवार का दिन था। सारे अंगे्रज चर्च में भी गए। उनकी प्रार्थना अभी आधी ही थी कि चर्च की ओर सिपाही तीव्रता से दौड़ते हुए आने लगे। उस चर्च का चॅप्लेन बाहर आया तो उसका हाथ सिपाहियों ने उड़ा दिया और विद्रोह की शुरूआत हो गई। शहर