1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

ग्यारह बजे आरंभ हुआ और शाम को सूर्यास्त के पूर्व सारा प्रांत स्वतंत्र हो जाने की घोषणा दिल्ली की ओर चल दी।

वह सारा प्रांत स्वतंत्र हो जाने की घोषणा केवल शाब्दिक थी, ऐसा भी नहीं है। उधर बरेली में विद्रोह की तोपें अपनी गड़गड़ाहट से अंगे्रजी सŸाा को कंपा रही थीं, इधर शाहजहांपुर में भी गोरे रक्त का छिड़काव होने लगा था। बरेली से शाहजहां लगभग चालीस मील की दूरी पर है। वहां 28वीं नेटिव पैदल रेजिमेंट थी। मेरठ


672 of 2102

ग्यारह बजे आरंभ हुआ और शाम को सूर्यास्त के पूर्व सारा प्रांत स्वतंत्र हो जाने की घोषणा दिल्ली की ओर चल दी।

वह सारा प्रांत स्वतंत्र हो जाने की घोषणा केवल शाब्दिक थी, ऐसा भी नहीं है। उधर बरेली में विद्रोह की तोपें अपनी गड़गड़ाहट से अंगे्रजी सŸाा को कंपा रही थीं, इधर शाहजहांपुर में भी गोरे रक्त का छिड़काव होने लगा था। बरेली से शाहजहां लगभग चालीस मील की दूरी पर है। वहां 28वीं नेटिव पैदल रेजिमेंट थी। मेरठ


672 of 2102