बड़े-बड़े जमींदार और किसान बहुत त्रस्त हो गए थे। उसमें भी बदायूं में लगान पद्धति का इतना अत्याचार था कि यह जिला अंगे्रजी राज को मिटा देने के लिए किसी भी अवसर की ताक में था। यह बात स्वयं एडवड्र्स को भी ज्ञात थी और इसलिए उसने बरेली से सेना की सहायता मांगी थी। परंतु स्वयं बरेली के उस समय क्या हाल थे, यह पहले बताया ही जा चुका है। फिर भी बरेली से यह लिखित प्राप्त हुआ कि 1 जून को हम यूरोपियन अधिकारी के अधीन
बड़े-बड़े जमींदार और किसान बहुत त्रस्त हो गए थे। उसमें भी बदायूं में लगान पद्धति का इतना अत्याचार था कि यह जिला अंगे्रजी राज को मिटा देने के लिए किसी भी अवसर की ताक में था। यह बात स्वयं एडवड्र्स को भी ज्ञात थी और इसलिए उसने बरेली से सेना की सहायता मांगी थी। परंतु स्वयं बरेली के उस समय क्या हाल थे, यह पहले बताया ही जा चुका है। फिर भी बरेली से यह लिखित प्राप्त हुआ कि 1 जून को हम यूरोपियन अधिकारी के अधीन