पर भी कब्जा किया गया और मुरादाबाद पर 31 मई की शाम से पूर्व ही हरा झंडा लहराने लगा।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 150
बरेली और शाहजहांपुर-इन दो शहरों के बीच बदायूं नामक जिले का मुख्यालय है। उस जिले का कलेक्टर और मजिस्टेªट मि. एडवड्र्स उसी शहर में रहता था। अंगे्रजी राज के प्रारंभ से पुराने जमींदारों की दुर्दशा और लगान वसुली के लिए झटपट की जानेवाली नीलामी में हाथ से जाती हुई जमीनों से पूरे रूहेलखंड के
पर भी कब्जा किया गया और मुरादाबाद पर 31 मई की शाम से पूर्व ही हरा झंडा लहराने लगा।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 150
बरेली और शाहजहांपुर-इन दो शहरों के बीच बदायूं नामक जिले का मुख्यालय है। उस जिले का कलेक्टर और मजिस्टेªट मि. एडवड्र्स उसी शहर में रहता था। अंगे्रजी राज के प्रारंभ से पुराने जमींदारों की दुर्दशा और लगान वसुली के लिए झटपट की जानेवाली नीलामी में हाथ से जाती हुई जमीनों से पूरे रूहेलखंड के