सŸाा समाप्त हो गई है। बदायूं में खजाने की सुरक्षा के लिए कुछ सिपाही रखे हुए थे। उसके अधिकारी से एडवड्र्स ने पूछा, ‘‘बरेली सवतंत्र हो गई। बदायूं का क्या होगा? ’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘मेरे सिपाही राजनिष्ठ हैं। कोई डर नहीं है।’’ उसने उसने यह आश्वासन दिया ही था कि शाम को बदायूं में विद्रोह हो गया। खजाने के सैनिक, पुलिस और नागरिक-सबने फिरंगी राज डूब जाने की घोषणा कर दी और वह सारा जिला खानबहादुर खान के नियंत्रण
सŸाा समाप्त हो गई है। बदायूं में खजाने की सुरक्षा के लिए कुछ सिपाही रखे हुए थे। उसके अधिकारी से एडवड्र्स ने पूछा, ‘‘बरेली सवतंत्र हो गई। बदायूं का क्या होगा? ’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘मेरे सिपाही राजनिष्ठ हैं। कोई डर नहीं है।’’ उसने उसने यह आश्वासन दिया ही था कि शाम को बदायूं में विद्रोह हो गया। खजाने के सैनिक, पुलिस और नागरिक-सबने फिरंगी राज डूब जाने की घोषणा कर दी और वह सारा जिला खानबहादुर खान के नियंत्रण