स्वयं गाड़ियां मंगवाई और उसमें उन कैदी अंगे्रजों को मुक्त कर बैठाया। साथ में कुछ संरक्षक सैनिक भी दिए और आजमगढ़ की अंगे्रजी सŸाा के नाम-निशान के साथ वे सारे बनारस की ओर चल दिए। उध रवह 7 लाख का खजाना, अंगे्रज सैनिकों का तोपखाना, अंगे्रजी
1857 का स्वातंत्र्य समर - 156
सŸाा की मुहर जिसपर थी वह जेल, कार्यालय, रास्ते, बैरकें-सब पर जो सैनिकों ने अधिकार किया उसकी अगुवाई किसने की? विद्रोह का समाचार मिलने
स्वयं गाड़ियां मंगवाई और उसमें उन कैदी अंगे्रजों को मुक्त कर बैठाया। साथ में कुछ संरक्षक सैनिक भी दिए और आजमगढ़ की अंगे्रजी सŸाा के नाम-निशान के साथ वे सारे बनारस की ओर चल दिए। उध रवह 7 लाख का खजाना, अंगे्रज सैनिकों का तोपखाना, अंगे्रजी
1857 का स्वातंत्र्य समर - 156
सŸाा की मुहर जिसपर थी वह जेल, कार्यालय, रास्ते, बैरकें-सब पर जो सैनिकों ने अधिकार किया उसकी अगुवाई किसने की? विद्रोह का समाचार मिलने