था’’ उनका कहना है कि वीर सावरकर के भतीजे बालाराव सावरकर ने आवश्यक संशोधन करके मराठी गं्रथ को भी प्रकाशित कर दिया है।
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जनवरी 1947 के अंगे्रजी संस्करण में पुस्तक की यात्रा कथा को जी.एम.जोशी ने बालाराव के साथ मिलकर लिखा है। उस संस्करण के प्रकाशन की अनुमति स्वयं वीर सावरकर ने फोनिक्स प्रकाशन गृह को दी थी। तब वश्य ही जी. एम. जोशी एवं बाल सावरकर द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई पुस्तक-गाथा को वीर सावरकर
था’’ उनका कहना है कि वीर सावरकर के भतीजे बालाराव सावरकर ने आवश्यक संशोधन करके मराठी गं्रथ को भी प्रकाशित कर दिया है।
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जनवरी 1947 के अंगे्रजी संस्करण में पुस्तक की यात्रा कथा को जी.एम.जोशी ने बालाराव के साथ मिलकर लिखा है। उस संस्करण के प्रकाशन की अनुमति स्वयं वीर सावरकर ने फोनिक्स प्रकाशन गृह को दी थी। तब वश्य ही जी. एम. जोशी एवं बाल सावरकर द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई पुस्तक-गाथा को वीर सावरकर