इस जोश से भरे माहौल में भी विद्रोहियों ने यूरोपियनों को शस्त्र नीचे रखकर चुपचाप भाग जाने की जो अनुमति दी उसका लाभ लेकर सारे अंगे्रज लोग जौनपुर खाली कर भागने लगे। उन्होंने बनारस की ओर भागने के लिए गंगा किनारे नौकाएं कीं।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 159
परंतु आधे प्रवाह में आने के बाद मल्लाहों ने उन सब अंग्रेजों को लूटकर रेत पर ले जाकर छोड़ दिया। इधर जौनपुर में ‘दीन-दीन’ का नारा लगा सारा शहर सड़कों
इस जोश से भरे माहौल में भी विद्रोहियों ने यूरोपियनों को शस्त्र नीचे रखकर चुपचाप भाग जाने की जो अनुमति दी उसका लाभ लेकर सारे अंगे्रज लोग जौनपुर खाली कर भागने लगे। उन्होंने बनारस की ओर भागने के लिए गंगा किनारे नौकाएं कीं।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 159
परंतु आधे प्रवाह में आने के बाद मल्लाहों ने उन सब अंग्रेजों को लूटकर रेत पर ले जाकर छोड़ दिया। इधर जौनपुर में ‘दीन-दीन’ का नारा लगा सारा शहर सड़कों