किसान, सिपाही सब लोगों ने फिरंगी शासन को गोमांस की तरह आपŸिाजनक मान लिया। छोटे-छोटे गांवों में अपनी सीमा में गोरों के आने की खबर लगते ही उन्हें मार-पीटकर भगा दिया जाता। विशेष बात यह कि केवल अंगे्रज लोगांे के लिए ही नहीं अपितु उनके द्वारा किए गए हर काम के लिए लोगों में इतनी घृणा थी कि वे काम भी उन्हें आंखों से सुहाते नहीं थे। उन्होंने अंगे्रजों द्वारा नियुक्त जमींदारों-फिर वे कैसे भी हों-को निकालकर
किसान, सिपाही सब लोगों ने फिरंगी शासन को गोमांस की तरह आपŸिाजनक मान लिया। छोटे-छोटे गांवों में अपनी सीमा में गोरों के आने की खबर लगते ही उन्हें मार-पीटकर भगा दिया जाता। विशेष बात यह कि केवल अंगे्रज लोगांे के लिए ही नहीं अपितु उनके द्वारा किए गए हर काम के लिए लोगों में इतनी घृणा थी कि वे काम भी उन्हें आंखों से सुहाते नहीं थे। उन्होंने अंगे्रजों द्वारा नियुक्त जमींदारों-फिर वे कैसे भी हों-को निकालकर