पुरानी पीढ़ी के जमींदारों को वहां लाकर बैठाया। अंगे्रजों की लगान पद्धति, उनके कारावास ,उनके न्यायसन सबको एक हफ्ते में बदल दिया गया। तारयंत्रों को तोड़ दिया, रेल और यातायात के रास्ते खोद दिए गए। हर टेकरी और हर झाड़ी के
1857 का स्वातंत्र्य समर - 160
पीछे गोरों के रक्त और धन के लिए ललचाए गांववाले छिपकर बैठे रहते और अंगे्रजों को रसद तो दूर की बात, कोई समाचार भी न मिलने देने को खेत-खेत में पहरेदार हरे
पुरानी पीढ़ी के जमींदारों को वहां लाकर बैठाया। अंगे्रजों की लगान पद्धति, उनके कारावास ,उनके न्यायसन सबको एक हफ्ते में बदल दिया गया। तारयंत्रों को तोड़ दिया, रेल और यातायात के रास्ते खोद दिए गए। हर टेकरी और हर झाड़ी के
1857 का स्वातंत्र्य समर - 160
पीछे गोरों के रक्त और धन के लिए ललचाए गांववाले छिपकर बैठे रहते और अंगे्रजों को रसद तो दूर की बात, कोई समाचार भी न मिलने देने को खेत-खेत में पहरेदार हरे