1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

का सिलसिला चालू रखा। सारा अनुशासन बिगड़ गया। नील के आदेश को भी वे शराबी ऐसे ठुकरा देते कि अब मैंने उनमें से एक-दो को फांसी देने का निश्चय किया है, ऐसा उसने केनिंग को सूचित किया। इन अनंत संकटों से घिरी अंगे्रजी सेना जहां-की-तहां बंधी रह गई। कानपुर से तुरंत सहायता भेजने के संदेश-पर-संदेश आते रहे, फिर भी जनरल नील जैसे साहसी योद्धा को इलाहाबाद में जुलाई की पहली तारीख देखनी पड़ी।

जनरल नील और उसकी फ्युजिलियर


794 of 2102

का सिलसिला चालू रखा। सारा अनुशासन बिगड़ गया। नील के आदेश को भी वे शराबी ऐसे ठुकरा देते कि अब मैंने उनमें से एक-दो को फांसी देने का निश्चय किया है, ऐसा उसने केनिंग को सूचित किया। इन अनंत संकटों से घिरी अंगे्रजी सेना जहां-की-तहां बंधी रह गई। कानपुर से तुरंत सहायता भेजने के संदेश-पर-संदेश आते रहे, फिर भी जनरल नील जैसे साहसी योद्धा को इलाहाबाद में जुलाई की पहली तारीख देखनी पड़ी।

जनरल नील और उसकी फ्युजिलियर


794 of 2102