चाल्र्स बाल नील की अपरिमित स्तुति करता है। स्वयं नील कहता है-‘‘परमात्मा साक्षी है कि मैंने कुछ अधिक क्रूरता प्रदर्शित की है; किंतु इन संपूर्ण परिस्थितियों पर सामूहिक दृष्टि से विचार करने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि यह सभी कुछ क्षम्य है। मैंने जो कुछ भी किया, अपने देश के लिए, उसके कल्याण के लिए किया है। मैंने यह कार्य अपनी साम्राज्य सŸाा का आतंक बैठाने तथा उसे पुनः स्थिरता प्रदान करने के लिए किया है।’’
चाल्र्स बाल नील की अपरिमित स्तुति करता है। स्वयं नील कहता है-‘‘परमात्मा साक्षी है कि मैंने कुछ अधिक क्रूरता प्रदर्शित की है; किंतु इन संपूर्ण परिस्थितियों पर सामूहिक दृष्टि से विचार करने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि यह सभी कुछ क्षम्य है। मैंने जो कुछ भी किया, अपने देश के लिए, उसके कल्याण के लिए किया है। मैंने यह कार्य अपनी साम्राज्य सŸाा का आतंक बैठाने तथा उसे पुनः स्थिरता प्रदान करने के लिए किया है।’’