‘‘स्वदेश के लिए मैं यह अघोर अत्याचार कर रहा हूं, इसलिए परमेश्वर मुझे क्षमा करें’’, जनरल नील का उपर्युक्त वाक्य देकर जो अंगे्रज इतिहासकार उसकी स्तुति करते हैं वे ही श्रीमंत नाना के और सिपाहियों के जोश को नरकगामी कहते हैं। इंग्लैंड के स्वदेशाभिमान की व्याख्या भी विचित्र है!
होम नामक इतिहासकार कहता है-‘‘बूढ़े लोगों को और गोद में दूध पीते अर्भकों को लिये बेसहारा महिलाओं को भी इस भयानक प्रतिशोध में बलि चढ़ाया गया,
‘‘स्वदेश के लिए मैं यह अघोर अत्याचार कर रहा हूं, इसलिए परमेश्वर मुझे क्षमा करें’’, जनरल नील का उपर्युक्त वाक्य देकर जो अंगे्रज इतिहासकार उसकी स्तुति करते हैं वे ही श्रीमंत नाना के और सिपाहियों के जोश को नरकगामी कहते हैं। इंग्लैंड के स्वदेशाभिमान की व्याख्या भी विचित्र है!
होम नामक इतिहासकार कहता है-‘‘बूढ़े लोगों को और गोद में दूध पीते अर्भकों को लिये बेसहारा महिलाओं को भी इस भयानक प्रतिशोध में बलि चढ़ाया गया,