1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

से पीड़ित मातृभूमि का प्रतिशोध लेने का तत्पर क्षुब्ध देशवासी ही थे।

परंतु अब इस तŸवज्ञान का उपयोग ही क्या? नील ने इलाहाबाद में भयानक क्रूरता के जो बीज बोए उसकी फसल उधर कानपुर के खेतों में लहलहा उठी है। ऐसे समय में उस फसल की कटाई के लिए जल्दी से कानपुर की ओर जाना ही उचित है।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 175

प्रकरण-8

कानपुर और झाँँसी

दासता के नरक में पड़े अपने पितरों का उद्धार करने के पवित्र हेतु


807 of 2102

से पीड़ित मातृभूमि का प्रतिशोध लेने का तत्पर क्षुब्ध देशवासी ही थे।

परंतु अब इस तŸवज्ञान का उपयोग ही क्या? नील ने इलाहाबाद में भयानक क्रूरता के जो बीज बोए उसकी फसल उधर कानपुर के खेतों में लहलहा उठी है। ऐसे समय में उस फसल की कटाई के लिए जल्दी से कानपुर की ओर जाना ही उचित है।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 175

प्रकरण-8

कानपुर और झाँँसी

दासता के नरक में पड़े अपने पितरों का उद्धार करने के पवित्र हेतु


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