1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

करने के लिए इधर ब्रह्यवर्त क महल में क्रांति की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी।

उस महल में नाना साहब के भाई श्री बाबा साहब व श्री बाला साहब और उनके भतीजे श्री राव साहब अपने मालिक के क्रांति के उदाŸा हेतु को सफल करने के लिए अपना तन-मन-धन अर्पण करने को तैयार थे। वैसे ही नाना के गुरू जिन्होंने खिदमतगार की अत्यंत कनिष्ठ स्थिति से अपनी दक्षता और चतुराई से अपने को राज्यमान्य के पद


1857 का स्वातंत्र्य समर - 176


810 of 2102

करने के लिए इधर ब्रह्यवर्त क महल में क्रांति की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी।

उस महल में नाना साहब के भाई श्री बाबा साहब व श्री बाला साहब और उनके भतीजे श्री राव साहब अपने मालिक के क्रांति के उदाŸा हेतु को सफल करने के लिए अपना तन-मन-धन अर्पण करने को तैयार थे। वैसे ही नाना के गुरू जिन्होंने खिदमतगार की अत्यंत कनिष्ठ स्थिति से अपनी दक्षता और चतुराई से अपने को राज्यमान्य के पद


1857 का स्वातंत्र्य समर - 176


810 of 2102