तक पहंुचाया था, जिन्होंने यूरोप खंड की राजनीति एवं संग्राम भूमि का अध्ययन कर अपनी स्वदेश भूमि को गुलामी से मुक्त करने के धर्मयुद्ध में उसका किस तरह उपयोग किया जाए-यह बड़ी चतुराई से प्रत्यक्ष अवलोकन किया था, जिन्होंने इस क्रांति का विस्तृत नक्शा सबसे पहले अपने मनःपटल पर बनाया था और जिन्होंने स्वयं मुसलमान होते हुए भी अपनी भारत माता की स्वतंत्रता के लिए एक हिंदू राजा के अभ्युदय के लिए अपना जीवन अर्पण
तक पहंुचाया था, जिन्होंने यूरोप खंड की राजनीति एवं संग्राम भूमि का अध्ययन कर अपनी स्वदेश भूमि को गुलामी से मुक्त करने के धर्मयुद्ध में उसका किस तरह उपयोग किया जाए-यह बड़ी चतुराई से प्रत्यक्ष अवलोकन किया था, जिन्होंने इस क्रांति का विस्तृत नक्शा सबसे पहले अपने मनःपटल पर बनाया था और जिन्होंने स्वयं मुसलमान होते हुए भी अपनी भारत माता की स्वतंत्रता के लिए एक हिंदू राजा के अभ्युदय के लिए अपना जीवन अर्पण