पहुंच जाने से सिपाहियों की पंक्तियांे में पहले की स्तब्धता हटकर चंचलता आई थी। परंतु सिपाहियों को ज्ञात वह समाचार अंगे्रज अधिकारियों को 18 मई तक ज्ञात नहीं हुआ था। दिल्ली के समाचार देनेवाले तारयंत्र तोड़-फोड़ डाले गए थे, इसलिए सर हो व्हीलर ने समाचार ज्ञात करने के लिए कुछ दूत भेजे। उन्हें रास्ते में दिल्ली से आ रहा एक सिपाही मिला। परंतु फिरंगी को समाचार देने से उसने साफ मना किया। सन् 1857 में दूर-दूर के समाचार नेटिव लोगों को तत्काल कैसे ज्ञात हो
पहुंच जाने से सिपाहियों की पंक्तियांे में पहले की स्तब्धता हटकर चंचलता आई थी। परंतु सिपाहियों को ज्ञात वह समाचार अंगे्रज अधिकारियों को 18 मई तक ज्ञात नहीं हुआ था। दिल्ली के समाचार देनेवाले तारयंत्र तोड़-फोड़ डाले गए थे, इसलिए सर हो व्हीलर ने समाचार ज्ञात करने के लिए कुछ दूत भेजे। उन्हें रास्ते में दिल्ली से आ रहा एक सिपाही मिला। परंतु फिरंगी को समाचार देने से उसने साफ मना किया। सन् 1857 में दूर-दूर के समाचार नेटिव लोगों को तत्काल कैसे ज्ञात हो