सारे समाज को दिया हुआ था। परंतु उसका नेता कौन हो? विद्रोह का पक्का दिन कौन सा हो? क्रांति के मुख्य केंद्र कहां होंगे? ये सब बातें इतनी चतुराई से गुप्त रखी गई थीं कि उसकी भनक अंगे्रजों को तो खैर क्या होती, उस जनसमूह को भी पक्की पता नहीं थी। मुख्य गुप्त केंद्र के नेता और उनके विश्वसनीय सहयोगियों को ही पूरे नाम आदि की जानकारी थी। पीछे कहा था कि हर रेजिमेंट में एक समिति बनाई गई थी, उसका भेद भी यही था।
सारे समाज को दिया हुआ था। परंतु उसका नेता कौन हो? विद्रोह का पक्का दिन कौन सा हो? क्रांति के मुख्य केंद्र कहां होंगे? ये सब बातें इतनी चतुराई से गुप्त रखी गई थीं कि उसकी भनक अंगे्रजों को तो खैर क्या होती, उस जनसमूह को भी पक्की पता नहीं थी। मुख्य गुप्त केंद्र के नेता और उनके विश्वसनीय सहयोगियों को ही पूरे नाम आदि की जानकारी थी। पीछे कहा था कि हर रेजिमेंट में एक समिति बनाई गई थी, उसका भेद भी यही था।