मर गई तब उसने विद्रोहियों का समाचार लाने और कानपुर में गद्दारी कराना स्वीकार किया। एक नेटिव रसोइए का वेश धारण कर बाहर आया। कुछ दूर आया ही था कि उसे पकड़कर नाना साहब के सामने लाया गया। उससे अंग्रेजांे की स्थिति के संबंध मंे बहुत से प्रश्न पूछे गए। पहले से पढ़ाए अनुसार वह झूठे और बढ़ा-चढ़ाकर उŸार देने लगा। परंतु उसी के पहले पकड़ी हुई दो महिलाओं ने अंग्र्रेजों की वास्तविकता दुर्दशा का समाचार दिया है, यह देखते
मर गई तब उसने विद्रोहियों का समाचार लाने और कानपुर में गद्दारी कराना स्वीकार किया। एक नेटिव रसोइए का वेश धारण कर बाहर आया। कुछ दूर आया ही था कि उसे पकड़कर नाना साहब के सामने लाया गया। उससे अंग्रेजांे की स्थिति के संबंध मंे बहुत से प्रश्न पूछे गए। पहले से पढ़ाए अनुसार वह झूठे और बढ़ा-चढ़ाकर उŸार देने लगा। परंतु उसी के पहले पकड़ी हुई दो महिलाओं ने अंग्र्रेजों की वास्तविकता दुर्दशा का समाचार दिया है, यह देखते