ही वह घबरा गया। पहले उसे कोठरी में रखा गया फिर 12 जुलाई को न्यायालय में छानबीन करके तीन वर्ष के सश्रम कारावास का दंड दिया गया,’’ इस दंड से नाना साहब ने उस युद्ध के गर्जन-तर्जन मंे भी न्याय करने की कितनी दक्षता रखी थी-यह दिखता है। अंगे्रजों के जासूसों की ऐसी फजीहत हो रही थी, पर विद्रोहियों के जासूस अपने काम बढ़िया कर रहे थे एक दिन एक नेटिव भिश्ती अंगे्रजी चारदीवारी के पास के एक टीले पर खड़ा होकर चिल्लाया,
ही वह घबरा गया। पहले उसे कोठरी में रखा गया फिर 12 जुलाई को न्यायालय में छानबीन करके तीन वर्ष के सश्रम कारावास का दंड दिया गया,’’ इस दंड से नाना साहब ने उस युद्ध के गर्जन-तर्जन मंे भी न्याय करने की कितनी दक्षता रखी थी-यह दिखता है। अंगे्रजों के जासूसों की ऐसी फजीहत हो रही थी, पर विद्रोहियों के जासूस अपने काम बढ़िया कर रहे थे एक दिन एक नेटिव भिश्ती अंगे्रजी चारदीवारी के पास के एक टीले पर खड़ा होकर चिल्लाया,