1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

के हलवाइयों ने उन स्वदेश-रक्षकों में मिठाई बांटी। श्रीमंत के झंडे तले लगभग चार हजार सेना एकत्रित हो गई थी। परंतु उसमें से तोपखाने के अधिकारी अपना काम बहुत मुस्तैदी से पूरा कर रहे थे। इस तोपखाने पर एक जगह एक हरा झंडा लहरा रहा था और वहां नन्हें नवाब अपने विशाल तंबू में दिन रात बैठे हुए थे। इस नवाब के घर पर विद्रोह के प्रारंभ में जप्ती ले जाई गई थी। परंतु उसमें से तोपखाने के अधिकारी अपना काम बहुत मुस्तैदी


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के हलवाइयों ने उन स्वदेश-रक्षकों में मिठाई बांटी। श्रीमंत के झंडे तले लगभग चार हजार सेना एकत्रित हो गई थी। परंतु उसमें से तोपखाने के अधिकारी अपना काम बहुत मुस्तैदी से पूरा कर रहे थे। इस तोपखाने पर एक जगह एक हरा झंडा लहरा रहा था और वहां नन्हें नवाब अपने विशाल तंबू में दिन रात बैठे हुए थे। इस नवाब के घर पर विद्रोह के प्रारंभ में जप्ती ले जाई गई थी। परंतु उसमें से तोपखाने के अधिकारी अपना काम बहुत मुस्तैदी


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