1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

पास ही उनका तंबू खड़ा हुआ था और उसके पस ही जनरल टीका सिंह का तंबू भी तना हुआ था। कानपुर स्वतंत्र हो जाने का समाचार सुनकर उस सारे प्रांत में सब ओर क्रांति की एक लहर उठ रही थी। रोज नए-नए जमींदार और रियासतदार अपने-अपने आदमियोें को लेकर नाना साहब के साथ होने लगे। मीर नवाब नामक रियासतदार जिस दिन संयुक्त धर्मध्वज का जुलूस लेकर दो हजार सैनिकों के साथ नाना से आकर मिले, उस दिन नागरिकों ने आनंद उत्सव मनाया। कानपुर


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पास ही उनका तंबू खड़ा हुआ था और उसके पस ही जनरल टीका सिंह का तंबू भी तना हुआ था। कानपुर स्वतंत्र हो जाने का समाचार सुनकर उस सारे प्रांत में सब ओर क्रांति की एक लहर उठ रही थी। रोज नए-नए जमींदार और रियासतदार अपने-अपने आदमियोें को लेकर नाना साहब के साथ होने लगे। मीर नवाब नामक रियासतदार जिस दिन संयुक्त धर्मध्वज का जुलूस लेकर दो हजार सैनिकों के साथ नाना से आकर मिले, उस दिन नागरिकों ने आनंद उत्सव मनाया। कानपुर


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