1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

पर अंगे्रजी तलवार का पहला वार पड़ा था। अपनी स्वतंत्रता का मंगलसूत्र टूट जाने के कारण 23 जून को ही हिंद माता प्लासी के मैदान पर फूट-फूटकर रोने लगी। उस 1757 की 23 जून के अमंगल दिन लगा अपमान का घाव हिंदुस्थान के हृदय को इतना जला रहा है कि-सौ वर्ष हो गए तब भी वह अशुभ दिन और उसकी


1857 का स्वातंत्र्य समर - 192

वह अमंगल स्मृति हिंद-भू हृदय में ताजा है। पर दासता का वह 23 जून को हुआ भयानक घाव सौ वर्ष गुजर


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पर अंगे्रजी तलवार का पहला वार पड़ा था। अपनी स्वतंत्रता का मंगलसूत्र टूट जाने के कारण 23 जून को ही हिंद माता प्लासी के मैदान पर फूट-फूटकर रोने लगी। उस 1757 की 23 जून के अमंगल दिन लगा अपमान का घाव हिंदुस्थान के हृदय को इतना जला रहा है कि-सौ वर्ष हो गए तब भी वह अशुभ दिन और उसकी


1857 का स्वातंत्र्य समर - 192

वह अमंगल स्मृति हिंद-भू हृदय में ताजा है। पर दासता का वह 23 जून को हुआ भयानक घाव सौ वर्ष गुजर


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