के अंतर को दूर कर दिया था। किस प्रकार पूज्य और पूजनीय बहादुरशाह ने समस्त भारतवर्श में गौ वध को प्रतिबंधित कर दिया था। किस प्रकार दिल्ली के सम्राट् को तोप-गर्जना की प्रथम सलामी के पष्चात् श्रीमंत नाना साहब ने द्वितीय सलामी को अपने लिए आरक्षित कर लिया था। किस प्रकार आपने मातृभूमि के ध्वज तले संगठित होकर समस्त विष्व को अंचभित कर दिया था और अपने शत्रुओं को भी यह कहने के लिए बाध्य कर दिया था कि इतिहासकारों
के अंतर को दूर कर दिया था। किस प्रकार पूज्य और पूजनीय बहादुरशाह ने समस्त भारतवर्श में गौ वध को प्रतिबंधित कर दिया था। किस प्रकार दिल्ली के सम्राट् को तोप-गर्जना की प्रथम सलामी के पष्चात् श्रीमंत नाना साहब ने द्वितीय सलामी को अपने लिए आरक्षित कर लिया था। किस प्रकार आपने मातृभूमि के ध्वज तले संगठित होकर समस्त विष्व को अंचभित कर दिया था और अपने शत्रुओं को भी यह कहने के लिए बाध्य कर दिया था कि इतिहासकारों