1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

उपस्थिति से हमारी सहायता करो। अनगिनत क्षुद्र स्वार्थों से विदीर्ण होकर हम भारत माता की महान् एकता को कभी भी साकार नहीं कर सकेंगे। हमारे कर्णों में वह मंत्र उच्चरित करो, जिसके जादू से आपने एकता के रहस्य को प्राप्त कर लिया था। बताओ कि किस प्रकार फिरंगी शासन छिन्न-भिन्न हो गया था और हिंदुओं-मुसलमानों की आम सहमति से स्वदेशी सिंहासन स्थापित हो गए थे। किस प्रकार मातृभूमि के उच्चतर प्रेम ने जाति और नस्लों


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उपस्थिति से हमारी सहायता करो। अनगिनत क्षुद्र स्वार्थों से विदीर्ण होकर हम भारत माता की महान् एकता को कभी भी साकार नहीं कर सकेंगे। हमारे कर्णों में वह मंत्र उच्चरित करो, जिसके जादू से आपने एकता के रहस्य को प्राप्त कर लिया था। बताओ कि किस प्रकार फिरंगी शासन छिन्न-भिन्न हो गया था और हिंदुओं-मुसलमानों की आम सहमति से स्वदेशी सिंहासन स्थापित हो गए थे। किस प्रकार मातृभूमि के उच्चतर प्रेम ने जाति और नस्लों


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