मृत्यु की कराल दाढ़ से छूटने का आनंद अंगे्रजों को हुआ था। उस आनंद के भाव में वे चारदीवारी पीछे छोड़ जाने को तैयार हो गए-पर कहां? और अब सुरक्षा का व्यवहार मिलेगा, ऐसा उनको विश्वास हो गया। पर डलहौजी की राजनीति से जिसका कुछ भी संबंध नहीं है, क्या ऐसा मनुष्य इस समूह में एक भी है? लेकिन इस प्रश्न की चर्चा अभी करने का कोई लाभ नहीं। गंगा घाट अभी डेढ़ मील दूर है। डेढ़ मील तक चलकर जानेवाला यह जुलूस गंगा की रेत
मृत्यु की कराल दाढ़ से छूटने का आनंद अंगे्रजों को हुआ था। उस आनंद के भाव में वे चारदीवारी पीछे छोड़ जाने को तैयार हो गए-पर कहां? और अब सुरक्षा का व्यवहार मिलेगा, ऐसा उनको विश्वास हो गया। पर डलहौजी की राजनीति से जिसका कुछ भी संबंध नहीं है, क्या ऐसा मनुष्य इस समूह में एक भी है? लेकिन इस प्रश्न की चर्चा अभी करने का कोई लाभ नहीं। गंगा घाट अभी डेढ़ मील दूर है। डेढ़ मील तक चलकर जानेवाला यह जुलूस गंगा की रेत