1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

में झांसी विद्रोह की ज्वाला से निर्भय है। मई माह की 31 तारीख को भी वरिष्ठ अधिकारियों को झांसी के अंगे्रज ऐसी रिपोर्ट करें तो उसमें क्या हर्ज है।

तरीख 1 जून को झांसी में कुछ अंगे्रज अधिकारियों के बंगलों को आग लगी। यह आग जून के पहले हफ्ते को इतना संदेश देकर निकल गई कि जिस दिन उधर कानपुर उठा उसी दिन 4 जून को झांसी भी विद्रोह कर उठी। सिपाहियों की एक टोली ने अपने हवलदार के इशारे पर अकस्मात् चढ़ाई कर स्टार


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में झांसी विद्रोह की ज्वाला से निर्भय है। मई माह की 31 तारीख को भी वरिष्ठ अधिकारियों को झांसी के अंगे्रज ऐसी रिपोर्ट करें तो उसमें क्या हर्ज है।

तरीख 1 जून को झांसी में कुछ अंगे्रज अधिकारियों के बंगलों को आग लगी। यह आग जून के पहले हफ्ते को इतना संदेश देकर निकल गई कि जिस दिन उधर कानपुर उठा उसी दिन 4 जून को झांसी भी विद्रोह कर उठी। सिपाहियों की एक टोली ने अपने हवलदार के इशारे पर अकस्मात् चढ़ाई कर स्टार


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